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पश्चिम एशिया में महायुद्ध: नए सर्वोच्च नेता की घोषणा के बीच ईरान और इजरायल-अमेरिका में संघर्ष तेज

"ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के दौरान अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के बाद तेहरान और इस्फ़हान के ऊपर उठता धुआं।

9 मार्च, 2026 तक, ईरान और इजरायल-अमेरिका की संयुक्त सेनाओं के बीच संघर्ष एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया है। 28 फरवरी को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के शुरुआती हमलों में सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद, ईरान ने आधिकारिक तौर पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नामित किया है।

सत्ता के इस हस्तांतरण के साथ ही हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है, जहाँ नए नेता ने इस्लामी गणराज्य की रक्षा के लिए "पूर्ण आत्म-बलिदान" का संकल्प लिया है।

मामले के मुख्य विवरण और वर्तमान स्थिति:

  • ऑपरेशन की स्थिति: जारी है। 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य नेतृत्व, परमाणु स्थल और मिसाइल बुनियादी ढांचा है।

  • नया नेतृत्व: मोजतबा खामेनेई (56) को 8 मार्च, 2026 को सर्वोच्च नेता नामित किया गया।

  • पलटवार: ईरान ने न केवल इजरायल पर, बल्कि बहरीन, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं।

  • वैश्विक प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतें $114 प्रति बैरल को पार कर गई हैं; हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद है।


भीषण हमले और जनहानि

सोमवार को इजरायल ने तेहरान, इस्फ़हान और दक्षिणी ईरान को निशाना बनाकर "व्यापक स्तर" पर हमले शुरू किए। जवाब में, ईरान ने बहरीन में Bapco रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे बहरीन की सरकारी तेल कंपनी को 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure) घोषित करना पड़ा।

हताहतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में 1,200 से अधिक और लेबनान में लगभग 400 लोगों की मौत हुई है। इजरायल में जवाबी मिसाइल हमलों में कम से कम 16 नागरिक मारे गए हैं। अमेरिकी पेंटागन ने अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और नाटो (NATO) की भूमिका

यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा है। तुर्की में नाटो हवाई सुरक्षा ने तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली कम से कम दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। जहाँ पोलैंड और ब्रिटेन ने अमेरिका को रणनीतिक समर्थन दिया है, वहीं स्पेन और इटली जैसे देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शुरुआती हमलों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। भारत ने तत्काल युद्धविराम और बातचीत की अपील की है।


आगे क्या होगा?

इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि वह कम से कम एक महीने तक चलने वाले युद्ध की तैयारी कर रही है, जबकि ईरान का दावा है कि वह छह महीने तक उच्च तीव्रता वाले संघर्ष के लिए तैयार है। वैश्विक बाजार ऊर्जा की कीमतों में और उछाल के लिए तैयार हैं क्योंकि शिपिंग रूट डायवर्ट किए जा रहे हैं।


स्रोत / संदर्भ:

द हिंदू ब्यूरो, अल जजीरा, ब्रिटैनिका इवेंट रिपोर्ट्स और हाउस ऑफ कॉमन्स लाइब्रेरी (9 मार्च, 2026) के लाइव अपडेट और डेटा पर आधारित। https://www.thehindu.com/

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