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भारतीय निवेशकों के लिए आज का शुक्रवार बेहद बुरा साबित हुआ। आज शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स करीब 770 अंक गिरकर 81,537 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 241 अंक टूटकर 25,048 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट की वजह से महज एक दिन में निवेशकों के करीब ₹7 लाख करोड़ स्वाहा हो गए।
बाजार में आई इस सुनामी के पीछे चार बड़े कारण माने जा रहे हैं:
अडाणी ग्रुप पर संकट: अमेरिका में अडाणी ग्रुप पर फिर से कानूनी शिकंजा कसने की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया।
कॉर्पोरेट झटका: दिग्गज कंपनी 'इटरनल' (Eternal) के सीईओ के अचानक इस्तीफे से बाजार का मूड बिगड़ गया।
ट्रंप और टैरिफ का डर: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा नए ट्रेड टैरिफ (शुल्क) लगाने की आशंका से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता रही।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा। यह उनकी लगातार 13वीं बिकवाली थी।
सबसे ज्यादा नुकसान अडाणी ग्रुप के शेयरों को हुआ, जो 10% से 13% तक टूट गए। अमेरिकी रेगुलेटर SEC ने न्यूयॉर्क की एक अदालत से अपील की है कि वह गौतम अडाणी और सागर अडाणी को ईमेल के जरिए समन भेजने की अनुमति दे। SEC का कहना है कि भारतीय अधिकारियों के जरिए समन भेजने में दिक्कत आ रही है। इस खबर ने पुराने रिश्वत और धोखाधड़ी के आरोपों की आग को फिर से हवा दे दी है।
सबसे ज्यादा गिरावट: रियल्टी और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
थोड़ी राहत: IT और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया और सेंसेक्स को और नीचे गिरने से बचाया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अभी निवेशकों को संभलकर रहने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स अब "उछाल पर बेचें" (Sell-on-rise) की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, अगले हफ्ते के लिए 25,000 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है; अगर यह टूटा, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है।
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