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भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक 'मदर ऑफ ऑल डील्स' संपन्न; जानें आपके लिए क्या-क्या होगा सस्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच नई दिल्ली में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की तस्वीर।

2 बिलियन लोगों के लिए खुला खुशहाली का रास्ता

आज यानी 27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर अपनी मुहर लगा दी है। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के प्रमुखों ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" करार दिया। यह समझौता दुनिया की कुल दौलत (GDP) के 25% हिस्से को कवर करता है।

आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?

यह समझौता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, इसका सीधा असर आपकी खरीदारी और जेब पर पड़ेगा। 90% से ज्यादा सामानों पर टैक्स (कस्टम ड्यूटी) या तो खत्म कर दिया गया है या बहुत कम कर दिया गया है।

  • सस्ती लग्जरी कारें: अभी मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी कारों पर 110% तक टैक्स लगता है। अब यह धीरे-धीरे घटकर सिर्फ 10% रह जाएगा।

  • सस्ती वाइन और विदेशी खाना: यूरोपीय वाइन पर लगने वाला 150% टैक्स अब 20-30% पर आ जाएगा। इसके अलावा विदेशी चॉकलेट, पास्ता और ऑलिव ऑयल भी सस्ते होंगे।

  • मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स: कारखानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और मेडिकल उपकरण अब कम कीमत पर मिलेंगे, जिससे भारत के उद्योगों को फायदा होगा।

"मेक इन इंडिया" के लिए बड़ी जीत

भारतीय निर्यातकों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। भारत में बने कपड़े (Textiles), जूते, चमड़े का सामान और गहने अब यूरोप के 27 देशों में बिना किसी टैक्स (0% ड्यूटी) के बिकेंगे। जानकारों का मानना है कि इससे भारत में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।

तुलनात्मक चार्ट: पहले और अब (टैक्स में बदलाव)

उत्पाद / सेक्टरपुराना टैक्स (Tariff)नया टैक्स (FTA के तहत)
यूरोपीय लग्जरी कारें110%घटकर 10% तक
यूरोपीय वाइन150%20% - 30%
भारतीय कपड़े और जूते~10-12%0% (पूरी तरह टैक्स फ्री)
मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स44% तकज्यादातर 0%
दवाइयां (Pharma)11%0% + जल्दी मंजूरी

संपादक की टिप्पणी: हमारे किसानों के हितों की रक्षा के लिए डेयरी और कृषि (खेती-किसानी) को इस समझौते से बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि विदेशी दूध या अनाज के आने से भारतीय किसानों की आजीविका पर कोई आंच नहीं आएगी।


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