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दिल्ली पुलिस ने 16-17 जनवरी, 2026 को कई रेड मारकर NCERT टेक्स्टबुक पायरेसी का बड़ा भंडाफोड़ किया। पुलिस ने लगभग 45,000 नकली NCERT किताबें, प्रिंटिंग मशीन, पेपर रील और प्रिंटिंग प्लेट ज़ब्त कीं, जिनकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है।
तीन मुख्य आरोपी हैं:
सुमित (35) – नॉर्थ छज्जूपुर, शाहदरा का रहने वाला
विनोद जैन (65) – प्रीत विहार का रहने वाला
कनिष्क (32) – यमुना विहार का रहने वाला
नकली टेक्स्टबुक की एक्टिविटी का पता दरियागंज के एक गोदाम से चला, जहाँ कथित तौर पर नकली NCERT किताबें रखी और सप्लाई की जाती थीं।
रेड में गाजियाबाद के लोनी के जावली गाँव में एक प्रिंटिंग फैसिलिटी की पहचान पायरेटेड बुक प्रोडक्शन के मुख्य सेंटर के तौर पर हुई।
NCERT पब्लिकेशन डिवीज़न के अधिकारियों ने — नकली किताबों की पहचान करने और पुलिस रेड में मदद करने के लिए टेक्निकल एक्सपर्टीज़ और लीगल सपोर्ट दिया।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच – एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) — ने इंटेलिजेंस के आधार पर रेड और अरेस्ट को लीड किया।
पुलिस की और टीमों ने रैकेट से जुड़ी कई जगहों पर आगे की जांच की।
कॉपीराइट एक्ट, 1957 और भारतीय न्याय संहिता के नियमों के तहत जालसाजी और पायरेटेड मटीरियल के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कई FIR दर्ज की गई हैं।
NCERT ने उन पब्लिशर्स/रिटेलर्स के खिलाफ भी FIR दर्ज की हैं जो ऑथराइज़्ड चैनलों के बाहर पायरेटेड टेक्स्टबुक्स बेच रहे हैं।