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$130 बिलियन का ट्रंप टैरिफ रिफंड केस: कोर्ट ने आयातकों को "पाई-पाई" लौटाने का दिया ऐतिहासिक आदेश

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय की इमारत जहाँ मार्च 2026 में ऐतिहासिक टैरिफ रिफंड आदेश जारी किया गया था।

ट्रंप प्रशासन की आपातकालीन व्यापार नीतियों पर चल रही कानूनी लड़ाई मार्च 2026 में एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गई है। फरवरी के अंत में सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बाद, एक संघीय व्यापार अदालत ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी सरकार को 3,30,000 से अधिक आयातकों को $130 बिलियन से अधिक का टैरिफ वापस करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

मामले के मुख्य संदर्भ और विवरण:

  • सुप्रीम कोर्ट केस: लर्निंग रिसोर्सेज, इंक बनाम ट्रंप (No. 24–1287), फैसला 20 फरवरी, 2026।

  • प्रमुख रिफंड केस: एटमस फिल्ट्रेशन, इंक बनाम यूनाइटेड स्टेट्स (Case No. 26-cv-01259)।

  • मुख्य आदेश: अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय (CIT) के जज रिचर्ड के. ईटन ने 4 मार्च, 2026 को रिफंड का आदेश जारी किया।

  • वर्तमान स्थिति: कोर्ट ने देशभर में रिफंड का आदेश दिया है; हालांकि, कार्यान्वयन फिलहाल 45 दिनों (मध्य अप्रैल तक) के लिए रुका है ताकि कस्टम विभाग एक स्वचालित भुगतान प्रणाली बना सके।

टैरिफ को अवैध क्यों घोषित किया गया?

20 फरवरी, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से फैसला सुनाया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि टैक्स और टैरिफ लगाने की शक्ति विशेष रूप से संसद (Congress) के पास है। इसने 2025 के दौरान लगाए गए "रेसिप्रोकल टैरिफ" और अन्य आपातकालीन शुल्कों को अवैध कर दिया।


रिफंड की प्रक्रिया और चुनौतियां

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, जज रिचर्ड ईटन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार को इन अवैध शुल्कों के तहत एकत्र की गई "पाई-पाई" वापस करनी होगी।

  • प्रशासनिक चुनौती: सीमा शुल्क विभाग (CBP) ने तर्क दिया कि 7 करोड़ से अधिक प्रविष्टियों की मैन्युअल समीक्षा करना असंभव है।

  • CAPE मॉड्यूल: 12 मार्च, 2026 को, CBP ने रिफंड को अधिक कुशलता से संभालने के लिए ACE सिस्टम के भीतर CAPE नामक एक नए स्वचालित मॉड्यूल का प्रस्ताव दिया।

  • ब्याज के साथ भुगतान: अदालत ने पुष्टि की है कि रिफंड ब्याज के साथ जारी किए जाएंगे, जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ और बढ़ जाएगा।


व्यापारियों के लिए आगे क्या?

हालांकि आदेश व्यापक रूप से लागू होता है, विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन कंपनियों के लेन-देन अंतिम रूप से तय (Liquidated) हो चुके हैं, उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 180 दिनों के भीतर औपचारिक विरोध (Protest) दर्ज करना चाहिए। ट्रंप प्रशासन द्वारा इस आदेश को चुनौती दिए जाने की उम्मीद है, जिससे कुछ व्यवसायों के लिए इंतजार लंबा हो सकता है। इस बीच, प्रशासन ने 2026 में राजस्व को स्थिर रखने के लिए सेक्शन 122 और सेक्शन 301 का उपयोग करना शुरू कर दिया है।


स्रोत / संदर्भ:

यू.एस. कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड, नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (NAM), और CBIZ ट्रेड इनसाइट्स (13 मार्च, 2026) की कानूनी फाइलिंग और सारांश पर आधारित। https://www.cit.uscourts.gov/


सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स: इस रिपोर्ट में नीचे दिए गए ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स का रेफरेंस दिया गया है, जिसमें केस से जुड़े कोर्ट ऑर्डर और RTI जवाब शामिल हैं। डॉक्यूमेंट्स (PDF) डाउनलोड/देखें।
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