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रांची | 11 जून 2025 – झारखंड की कोयला इंडस्ट्री में विदेशी निवेश की संभावनाओं को लेकर एक अहम पहल हुई है। रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप ऐकरमैन ने मुलाकात की और राज्य में तकनीकी सहयोग और सतत खनन के क्षेत्र में साझेदारी पर चर्चा की।
राजदूत ऐकरमैन ने कहा कि झारखंड और जर्मनी दोनों का खनन क्षेत्र से गहरा नाता रहा है। जर्मनी ने अपने पुराने कोयला क्षेत्रों को हरित ऊर्जा हब, तकनीकी पार्क और सामुदायिक केंद्रों में बदला है। उन्होंने यही मॉडल झारखंड में भी लागू करने का सुझाव दिया, ताकि पर्यावरण संतुलन के साथ आर्थिक विकास किया जा सके।
मुख्यमंत्री सोरेन ने बैठक के दौरान जर्मन कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में गंभीर है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि मौजूद थे। चर्चा में स्थानीय रोजगार, प्रशिक्षण और तकनीकी साझेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
हालांकि इस बैठक में कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, लेकिन दोनों पक्षों ने भविष्य में ठोस सहयोग की संभावना जताई है। अगर यह साझेदारी आगे बढ़ती है, तो झारखंड को न सिर्फ पूंजी और तकनीक मिलेगी, बल्कि कोयला आधारित क्षेत्रों को हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में भी मोड़ा जा सकेगा।
अगले कुछ महीनों में इस संबंध में और प्रगति की उम्मीद की जा रही है, खासकर भारत-जर्मनी ग्रीन डेवलपमेंट डायलॉग के अंतर्गत होने वाली बैठकों के बाद।