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नॉर्डिक देशों ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग के बारे में एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया।

ग्रीनलैंड पर नॉर्डिक देशों का संयुक्त बयान।

6 जनवरी 2026 को, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन समेत नॉर्डिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ग्रीनलैंड की सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी के साथ चल रहे जियोपॉलिटिकल मुद्दे पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया।

इस स्टेटमेंट में इस बात की पुष्टि की गई है कि ग्रीनलैंड और उसकी सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी से जुड़े मामलों का फैसला वहां के लोगों को करना चाहिए।

यह स्टेटमेंट US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और उनके एडमिनिस्ट्रेशन के हालिया कमेंट्स का जवाब है। नॉर्डिक देशों ने कहा कि वे आर्कटिक इलाके में सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और कोऑपरेशन बनाए रखने के लिए कमिटेड हैं।

ग्रीनलैंड को खरीदने या एक्वायर करने के आइडिया वाली US एडमिनिस्ट्रेशन की बातों ने नॉर्डिक और यूरोपियन साथियों को चिंता में डाल दिया।

डेनमार्क के प्राइम मिनिस्टर ने कहा कि ग्रीनलैंड के खिलाफ कोई भी ज़बरदस्ती की कार्रवाई NATO की एकता को खतरे में डाल सकती है। कई NATO देशों ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड "यहां के लोगों का है" और इसका भविष्य बाहरी ताकत या बाहरी दबाव से तय नहीं किया जाना चाहिए।

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