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वर्दी पर लगा घूसखोरी का दाग: बेंगलुरु में ₹4 लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर गिरफ्तार, गिरफ्तारी के समय चीखने-चिल्लाने का वीडियो वायरल

बेंगलुरु के चामराजपेट में लोकायुक्त की टीम द्वारा पकड़ा गया पुलिस इंस्पेक्टर गोविंदराजू (Govindaraju Inspector).

बेंगलुरु: कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार, 30 जनवरी 2026 को बेंगलुरु के एक पुलिस इंस्पेक्टर को ₹4 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपी की पहचान गोविंदराजू के रूप में हुई है, जो केपी अग्रहारा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। लोकायुक्त की टीम ने उन्हें चामराजपेट स्थित सिटी आर्म्ड रिजर्व (CAR) मैदान में उस समय दबोचा, जब वे रिश्वत की रकम ले रहे थे।

शिकायत: धोखाधड़ी के मामले में जबरन वसूली

यह गिरफ्तारी 42 साल के बिल्डर मोहम्मद अकबर की शिकायत के बाद हुई। अकबर ने आरोप लगाया कि गोविंदराजू ने KP अग्रहारा स्टेशन पर दर्ज एक क्रिमिनल धोखाधड़ी के मामले में "फायदा पहुंचाने" के लिए कुल ₹5 लाख की रिश्वत मांगी थी।

क्या है पूरा मामला?

  • यह कार्रवाई मोहम्मद अकबर नामक एक बिल्डर की शिकायत पर की गई है। अकबर ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने एक धोखाधड़ी के मामले में उनका नाम हटाने और उन्हें राहत देने के बदले ₹5 लाख की मांग की थी।

  • शिकायतकर्ता के अनुसार, ₹1 लाख की पहली किस्त 24 जनवरी को सिरसी सर्कल के पास दी जा चुकी थी।

  • बाकी के ₹4 लाख गुरुवार को देने थे, लेकिन बिल्डर ने इसकी जानकारी लोकायुक्त को दे दी और सबूत के तौर पर रिश्वत की मांग की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी।

सरेआम हुआ 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा

हैरानी की बात यह रही कि इंस्पेक्टर गोविंदराजू अपनी आधिकारिक पुलिस जीप में और वर्दी पहनकर ही रिश्वत लेने पहुंचे थे। जैसे ही लोकायुक्त के अधिकारियों ने उन्हें पकड़ा, उन्होंने जोर-जोर से चीखना और चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें टीम का विरोध करते देखा जा सकता है।

बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह "बेहद शर्मनाक" व्यवहार है, जिससे पूरी पुलिस फोर्स की छवि खराब हुई है।

कानूनी कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस ने गोविंदराजू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। उसी दिन एक अन्य कार्रवाई में लोकायुक्त ने पूर्व KIADB अधिकारी तेजेश कुमार एन के ठिकानों पर भी छापेमारी की, जहां ₹26.5 करोड़ की संपत्ति का पता चला है।


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